Friday, October 30, 2020

पॉलिटेक्निक के बाद कैरियर / Career after Polytechnic

 

पॉलिटेक्निक डिप्लोमा एक तकनीकी डिग्री है जो आपको अपने दम पर एक अच्छी नौकरी दिला सकती है।
 हालांकि, अधिक विविध कैरियर के अवसरों को जीतने के लिए और उच्च स्तर की नौकरियों, स्नातक या 
आगे की पढ़ाई के लिए योग्य होना चाहिए। इसके अलावा, आपके पॉलिटेक्निक डिप्लोमा के दौरान, आपको 
केवल व्यावहारिक प्रशिक्षण के साथ-साथ अपने संबंधित अध्ययन डोमेन के मूलभूत पहलुओं से परिचित कराया
 जाता है। यह प्रशिक्षण आपके लिए जूनियर स्तर की नौकरियों को शुरू करने या जल्दी शुरू करने के लिए
 पर्याप्त हो सकता है, लेकिन वे आपको आवश्यक पदोन्नति प्राप्त करने या उच्च स्तर की नौकरियों के लिए योग्य
 बनाने में आपकी मदद नहीं करेंगे। इसलिए, आगे के अध्ययन आपको सैद्धांतिक और व्यावहारिक दोनों स्तरों
 पर अपने संबंधित डोमेन के गहन ज्ञान प्राप्त करने में मदद करेंगे और बदले में आपको उच्च स्तर की नौकरियों 
को लक्षित करने में मदद करेंगे। 

बीटेक लेटरल एंट्री स्कीम :-

पॉलिटेक्निक डिप्लोमा धारकों के लिए सबसे लोकप्रिय विकल्प, विशेष रूप से इंजीनियरिंग डोमेन से, बी.टेक या 
बी.ई. इसके लिए, उम्मीदवारों को कॉलेज के लिए संबंधित इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षा के लिए उपस्थित होना होगा
 और वे इसमें शामिल होना चाहते हैं। कई इंजीनियरिंग कॉलेज इंजीनियरिंग डिप्लोमा धारकों को लेटरल एंट्री 
देते हैं। लेटरल एंट्री का मतलब है कि आप इंजीनियरिंग प्रोग्राम में सीधे दूसरे वर्ष या बीटेक / बी.ई. के तीसरे
 सेमेस्टर में शामिल हो सकते हैं। कार्यक्रम। कई कॉलेज पार्श्व प्रवेश योजना के माध्यम से प्रवेश के लिए स्क्रीन
 डिप्लोमा धारकों के लिए अलग प्रवेश परीक्षा आयोजित करते हैं। 
 
रोजगार के अवसर :-

पॉलिटेक्निक डिप्लोमा पाठ्यक्रम को सही मायने में कई छात्रों द्वारा पेशेवर कैरियर के लिए शॉर्ट-कट कहा जाता है, 
क्योंकि वे छात्रों को उत्कृष्ट गुंजाइश और विविध कैरियर के अवसर प्रदान करते हैं। कक्षा 10 के छात्रों के लिए, 
जो वित्तीय कठिनाइयों का सामना कर रहे हैं या जो लोग अपना नौकरी कैरियर जल्दी शुरू करना चाहते हैं, 
पॉलिटेक्निक कई कैरियर विकल्प प्रदान करता है जो रोमांचक और आकर्षक हैं। वे पीएसयू नौकरियों के माध्यम से
 सरकारी सेवा क्षेत्र में शामिल होने का विकल्प चुन सकते हैं, निजी कंपनियों के साथ नौकरी कर सकते हैं या अपना 
खुद का व्यवसाय शुरू कर सकते हैं और स्व-रोजगार कर सकते हैं। तो, आइए उन प्रमुख जॉब करियर विकल्पों पर नज़र
 डालें जो एक पॉलिटेक्निक डिप्लोमा धारक कोर्स पूरा करने के बाद कर सकते हैं।

1. सार्वजनिक क्षेत्र / सार्वजनिक उपक्रम

सरकार या उनकी संबद्ध सार्वजनिक क्षेत्र की इकाइयां पॉलिटेक्निक डिप्लोमा धारकों के लिए कैरियर के महान अवसर प्रदान
 करती हैं। ये कंपनियां जूनियर स्तर के पदों (इंजीनियरिंग और गैर-इंजीनियरिंग दोनों उम्मीदवारों के लिए) और तकनीशियन
 स्तर की नौकरियों के लिए डिप्लोमा धारकों को नियुक्त करती हैं।

 

Top Companies hiring Polytechnic Diploma Graduates

  • Railways
  • Indian Army
  • GAIL – Gas Authority of India Limited
  • ONGC – Oil & Natural Gas Corporation
  • DRDO – Defence Research and Development Organization
  • BHEL – Bharat Heavy Electricals Limited
  • NTPC – National Thermal Power Corporation
  • Public Work Departments
  • BSNL – Bharat Sanchar Nigam Limited
  • Infrastructure Development Agencies
  • NSSO – National Sample Survey Organization
  • IPCL – Indian Petro Chemicals Limited
2. निजी क्षेत्र

सार्वजनिक क्षेत्र के समान, यहां तक ​​कि निजी क्षेत्र की कंपनियां, विशेष रूप से विनिर्माण, निर्माण और इलेक्ट्रॉनिक्स और 
संचार डोमेन में काम करने वाले लोग पॉलिटेक्निक डिप्लोमा धारकों को नियुक्त करते हैं। हालांकि, ये नौकरियां जूनियर 
स्तर की हैं और इसमें पदोन्नति या विस्तार की बहुत कम गुंजाइश है।

 

Top private sector companies hiring Polytechnic Diploma Holders

  • Airlines - Indigo, Spicejet, Jet Airways, etc.
  • Construction Firms – Unitech, DLF, Jaypee Associated, GMR Infra, Mitas, etc.
  • Communication Firms – Bharti Airtel, Reliance Communications, Idea Cellular, etc.
  • Computer Engineering Firms – TCS, HCL, Wipro, Polaris, etc.
  • Automobiles – Maruti Suzuki, Toyota, TATA Motors, Mahindra, Bajaj Auto, etc.
  • Electrical / Power Firms – Tata Power, BSES, Seimens, L&T, etc.
  • Mechanical Engg Firms – Hindustan Unilever, ACC Ltd, Voltas, etc

 

 

3. स्वरोजगार

पॉलिटेक्निक डिप्लोमा धारकों के लिए एक और उत्कृष्ट कैरियर विकल्प स्वरोजगार है। पॉलिटेक्निक संस्थानों द्वारा प्रस्तावित सभी डिप्लोमा 
पाठ्यक्रम विशेष रूप से संबंधित विषय के व्यावहारिक या अनुप्रयोग-उन्मुख पहलुओं में छात्रों को प्रशिक्षित करने के लिए तैयार किए जाते हैं। 
यह छात्रों को विषय की मूल बातें जानने के लिए तैयार करता है और इसे अपना व्यवसाय शुरू करने के लिए लागू करता है। उदाहरण के लिए,
 कंप्यूटर इंजीनियरिंग में डिप्लोमा रखने वाला छात्र आसानी से कंप्यूटर की मरम्मत के लिए व्यवसाय शुरू कर सकता है; या ऑटोमोबाइल 
इंजीनियरिंग में डिप्लोमा रखने वाला कोई व्यक्ति अपना गैरेज या ऑटोमोबाइल रिपेयर स्टोर शुरू कर सकता है। इसलिए, पॉलिटेक्निक डिप्लोमा 
पाठ्यक्रम भी छात्रों को बड़े स्वरोजगार के अवसर प्रदान करते हैं।



Thursday, October 29, 2020

पॉलिटेक्निक में रैगिंग रोकने के नियम हुए सख्त, अब रैगिंग का नही है खतरा पढ़ाई में लगाये मन छात्र

हेलो दोस्तों आप सभी के लिए के अच्छी खबर आप सभी ने रैंगिंग के बारे में काफी कुछ सुना लेकिन दोस्तों अब आपको रैगिंग से डरने की कोई बात नही है क्योकि इससे रिलेटेड अब पॉलिटेक्निक में रैगिंग रोकने के नियम सख्त कर दिए गए है तो दोस्तों पोस्ट को पूरा जरुर पढ़े .....



जूनियरों को गाने गाने, डांस कराने और मुर्गा बनाने पर सीनियरों को संस्थान से नौ दो ग्यारह होना पड़ सकता। झांसी पॉलीटेक्निकल की घटना के बाद प्राविधिक शिक्षा निदेशायल बेहद गंभीर हो गया है और रैगिंग रोकने के लिए नियमों का सख्ती से पालन कराने की तैयारियां की हैं। इसमें आरोपित छात्रों को बाहर का रास्ता दिखाया जा सकेगा।

प्रदेश के संस्थानों में पहली नवंबर से प्रथम वर्ष के छात्रों की पढ़ाई शुरू हो जाएगी। यह संस्थागत होगी या फिर ऑनलाइन इसका फैसला शासन की ओर से लिया जाएगा। छात्र-छात्राएं पॉलीटेक्निक में आकर पढ़ाई करेंगे, इसके लिए तैयारियां तेज हो गई हैं। संस्थानों में कोविड प्रोटोकॉल के पालन के लिए प्रबंध किया जा रहा है। शारीरिक दूरी के पालन के लिए कक्षाओं के अंदर फेरबदल किया जा रहा है। पानी पीने से लेकर शौचालय और छात्रावासों की सुविधाएं बेहतर की जा रही हैं। ऐसे में जूनियर के संस्थान में आने पर सुरक्षा व्यवस्था चौक चौबंद की जा रही है। 

जूनियर छात्रों के संस्थान में आने पर रैगिंग का खतरा भी है। विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से सीनियर छात्रों द्वारा रैगिंग पूर्ण रूप से प्रतिबंधित है। निदेशक मुकेश कुमार ने बताया कि बाहरी तत्वों को बिना वजह परिसर में आने और टहलने की मनाही रहेगी। छात्रों को अपने पास आइकार्ड रखने होंगे। रैगिंग में आरोपित छात्रों को संस्थान से निष्कासित किया जाएगा।

संयुक्त प्रवेश परीक्षा परिषद ने कहा है कि पॉलीटेक्निक संस्थानों के डिप्लोमा पाठ्यक्रमों में दाखिला लेने वाले प्रथम वर्ष के छात्र-छात्राओं की पढ़ाई अब 15 नवंबर से शुरू होगी। अभी तक दो नवंबर की तिथि तय थी लेकिन संस्थानों की ओर से इसकी तैयारी न होने की वजह से यह बदलाव किया गया है।

पॉलीटेक्निक में बीते 15 अक्टूबर से ऑनलाइन और ऑफलाइन मोड पर प्रथम वर्ष को छोड़कर कक्षाएं शुरू हो गई हैं। परिषद के सचिव एसके वैश्य ने बताया कि अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद के निर्देशों के मुताबिक दो नवंबर से कक्षाएं शुरू करने की समय सारिणी तय थी।लेकिन अब इसमें बदलाव करते हुए 15 नवंबर कर दिया गया है। बरेली के एडमिशन कोआॢडनेटर नरेंद्र कुमार का कहना है कि कोविड-19 की गाइडलाइन के अनुसार छात्र-छात्राओं के बैठने से लेकर सारी तैयारी की जाएगी। जिससे कक्षाएं नियमित रूप से चल सकें।


 

 

BTEUP/Polytechnic की नई अपडेट - पॉलीटेक्निक के नए बैच की पढ़ाई 15 नवंबर से

हेलो दोस्तों आप सभी के लिए फिर से पॉलिटेक्निक की एक बड़ी अपडेट , जी हा जो की पॉलिटेक्निक के प्रथम वर्ष के छात्रों के लिए बहुत जरुरी ।पॉलिटेक्निक के प्रथम वर्ष के छात्रों को काफी दिनों से उनके क्लासेज का इंतजार है की कबसे उनकी कक्षाए चलेगी क्योकि एडमिशन के बाद से वे बैठ बस अपने पढाई के इंतजार में है... 



संयुक्त प्रवेश परीक्षा परिषद ने कहा है कि पॉलीटेक्निक संस्थानों के डिप्लोमा पाठ्यक्रमों में दाखिला लेने वाले प्रथम वर्ष के छात्र-छात्राओं की पढ़ाई अब 15 नवंबर से शुरू होगी। अभी तक दो नवंबर की तिथि तय थी लेकिन संस्थानों की ओर से इसकी तैयारी न होने की वजह से यह बदलाव किया गया है।

पॉलीटेक्निक में बीते 15 अक्टूबर से ऑनलाइन और ऑफलाइन मोड पर प्रथम वर्ष को छोड़कर कक्षाएं शुरू हो गई हैं। परिषद के सचिव एसके वैश्य ने बताया कि अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद के निर्देशों के मुताबिक दो नवंबर से कक्षाएं शुरू करने की समय सारिणी तय थी।लेकिन अब इसमें बदलाव करते हुए 15 नवंबर कर दिया गया है। बरेली के एडमिशन कोआॢडनेटर नरेंद्र कुमार का कहना है कि कोविड-19 की गाइडलाइन के अनुसार छात्र-छात्राओं के बैठने से लेकर सारी तैयारी की जाएगी। जिससे कक्षाएं नियमित रूप से चल सकें।

परिषद के सचिव के मुताबिक कई संस्थानों से शिकायतें मिली हैं कि पहले, दूसरे और तीसरे चरण में कई अभ्यॢथयों ने अपना प्रोविनल लेटर डाउनलोड नहीं किया। वह सीधे आवंटित संस्थान में प्रवेश लेने पहुंच गए। जिसकी वजह से उन्हे वापस कर दिया गया। अब चौथे चरण की काउंसिलिंग चल रही है। जिसकी वजह से उनके प्रोविनल लेटर नहीं डाउनलोड हो पाएंगे। इसलिए संस्थानों को निर्देश दिए हैं कि जिन अभ्यॢथयों के नाम संस्थाओं के पीआइ मॉड्यूल पर हैं, उनके प्रवेश ले लें। जिन्होंने विथड्रॉल फार्म काउंसिलिंग का ऑनलाइन विकल्प चुनकर प्रवेश निरस्त करा लिया, उन्हेंं शामिल नहीं किया जाएगा।

 

रैगिंग को रोकने के लिए बने सख्त नियम - Click Here

Wednesday, October 28, 2020

Heating Effect of Electric Current/विद्युत् धारा का उष्मीय प्रभाव

विद्युत् धारा का उष्मीय प्रभाव

जब किसी विद्युत उपकरण को उपयोग में लाने हेतु विद्युत श्रोत से जोड़ा जाता है, तो उसमें विद्युत धारा अर्थात इलेक्ट्रॉन प्रवाहित होने लगती है। उपकरण को कार्य करने के लिये लगातार विद्युत उर्जा के आपूर्ति की आवश्यकता होती है।

विद्युत धारा बनाए रखने में, खर्च हुई श्रोत की उर्जा का कुछ भाग उपयोगी कार्य करने, जैसे पंखे के ब्लेड को घुमाने आदि, में उपयोग होता है तथा उर्जा का शेष भाग उष्मा उत्पन्न करने में खर्च होता है, जो उपकरण की ताप में बृद्धि करता है। उदारण के लिय जब कोई विद्युत पंखा थोड़ी देर चलता है तो वह गर्म हो जाता है।

विद्युत उर्जा का उपयोग सीधे तौर पर नहीं किया जा सकता है, बल्कि विद्युत उर्जा के उपयोग के लिये या तो उसे यांत्रिकी उर्जा या प्रकाश उर्जा या उष्मा उर्जा में बदलना होता है।

             अत: विद्युत उर्जा का उष्मा उर्जा में परिवर्तन विद्युत का तापीय प्रभाव कहलाता है।


जूल का तापन नियम (Joule's Law of Heating)

मान लिया कि विद्युत धारा

प्रतिरोधक

से प्रवाहित किया जाता है।

मान लिया कि प्रतिरोधक के दोनों सिरों के बीच विभवांतर

मान लिया कि विद्युत आवेश

प्रतिरोधक से

समय तक प्रवाहित होता है।

अत: विद्युत आवेश

का विभवांतर से प्रवाहित होने में किया जाने वाला कार्य

अत: श्रोत को

समय में

उर्जा की आपूर्ति आवश्यक है।

अत: श्रोत द्वार परिपथ में निवेशित शक्ति

[∵

]

चूँकि श्रोत द्वारा

समय में उर्जा की आपूर्ति की जाती है।

अत:, `P xx t = VI xx t

अत: किसी स्थायी विद्युत द्जारा

द्वारा समय में उत्पन्न उष्मा की मात्रा

------- (i)

ओम के नियम के अनुसार,

अत: समीकरण (i) में

रखने पर, हम पाते हैं कि

--------(ii)

जहाँ,

उत्पन्न उष्मा (ताप)

विद्युत धारा

प्रतिरोधक का प्रतिरोध

तथा समय

ब्यंजक (ii) जूल का तापन नियम कहते हैं।

अत: जूल के तापन नियम के अनुसार किसी प्रतिरोधक में उत्पन्न होने वाली उष्मा

(i) दिये गए प्रतिरोधक में प्रवाहित होने वाली विद्युत धारा के वर्ग के अनुक्रमानुपाती,

(ii) दी गयी विद्युत धारा के लिये प्रतिरोध के अनुक्रमानुपाती, तथा

(iii) उस समय के अनुक्रमानुपाती होती है जिसके लिये दिये गए प्रतिरोध से विद्युत धारा प्रवाहित होती है। 

 

अतः                      

                                                               

व्यहारिक परिस्थितियों में विद्युत धारा का तापीय प्रभाव

जब विद्युत धारा को परिपथ में प्रवाहित किया जाता है, तो विद्युत उर्जा का कुछ भाग ताप को उत्पन्न करने में खर्च हो जाता है। किसी चालक में विद्युत धारा के प्रवाहित होने पर ताप का उत्पन्न होना अवश्यंभावी परिणाम है। परंतु इस उत्पन्न होने वाले ताप का उपयोग बहुत सारे कार्यों में किया जाता है।

विद्युत बल्ब (Electric Bulb)

बल्ब में विद्युत धारा को एक चालक, जिसे तंतु (Filament) कहते हैं, में प्रवाहित किया जाता है। बल्ब का तंतु एक प्रतिरोध की तरह कार्य करता है, तथा आपूर्ति की गई विद्युत धारा को उष्मा में परिवर्तित कर देता है। उष्मा के कारण फिलामेंट ला हो जाता है। बल्ब में एक अक्रिय गैस प्राय: आर्गन या अक्रिय नाइट्रोजन भरा रहता है, जो कि तंतु को जलने से बचाता है। लाल गर्म हो जाने के बाद बल्ब में लगा फिलामेंट प्रकाश उत्पन्न करता है।

बल्ब का फिलामेंट वैसे धातु का बना होता है जिसका गलनांका काफी उच्च होता है। प्राय: बल्ब के फिलामेंट में टंगस्टन का उपयोग किया जाता है, जिसका गलनांक लगभग 33800 C के करीब होता है।

विद्युत इस्तरी (Electric Iron)

विद्युत इस्तरी में धातु का एक रॉड या कॉयल लगा होता है, जिसका गलनांक काफी उच्च होता है, तथा इसे एलीमेंट कहा जाता है। जब विद्युत धारा विद्युत इस्तरी में लगे एलीमेंट में प्रवाहित कराया जाता है, तो यह गर्म होकर उष्मा उत्पन्न करता है जो विद्युत इस्तरी में लगे धातु के प्लेट को गर्म कर देता है। विद्युत इस्तरी का उपयोग कपड़ों से सिल्वट हटाने के काम आता है।

विद्युत हीटर (Electric heater)

विद्युत इस्तरी की तरह ही विद्युत हीटर में धातु का कॉयल या फिलामेंट लगा होता है, जिसका गलनांक काफी उच्च होता है। जब हीटर के कॉयल या फिलामेंट से विद्युत धारा प्रवाहित कराया जाता है, तो यह गर्म होकर उष्मा उत्सर्जित करता है। विद्युत हीटर का उपयोग जाड़े के मौसम में ठंढ़ से राहत पाने के लिये किया जाता है।

विद्युत इस्तरी, विद्युत हीटर, विद्युत वाटर हीटर आदि के एलीमेंट में प्राय: निक्रोम का उपयोग किया जाता है, जो निकेल तथा क्रोमियम का एक मिश्रातु है।

विद्युत फ्यूज (Electric Fuse)

विद्युत फ्यूज एक उपकरण है, जिसे घरों में उच्च विद्युत धार प्रवाहित होने की स्थिति में सुरक्षा के लिये उपयोग में लाया जाता है।

फ्यूज किसी ऐसे धातु अथवा मिश्रातु के तार का टुकड़ा होता है जिसका गलनांक उचित हो, यथा ऐल्युमिनियम, कॉपर, आयरन, लेड आदि। विद्युत फ्यूज को युक्ति के साथ श्रेणीक्रम में संयोजित किया जाता है। यदि परिपथ में किसी निर्दिष्ट मान से अधिक मान की विद्युत धारा प्रवाहित होती है, तो फ्यूज के तार के ताप में बृद्धि होती है, तथा फ्यूज तार पिघल जाता है और परिपथ टूट जाता है और परिपथ में संयोजित उपकरण जलने तथा खराब होने से सुरक्षित रहता है।

फ्यूज तार प्राय: धातु के सिरे वाले पोर्सेलेन अथवा इसी प्रकार के विद्युतरोधी पदार्थ के कार्ट्रिज में रखा जाता है, तथा फ्यूज को श्रेणीक्रम में संयोजित किया जाता है।

घरेलू परिपथ में उपयोग होने वाली फ्यूज की अनुमत विद्युत धारा 1 A, 2 A, 3 A, 5 A, and 10 A, आदि होती है।

उदारण: एक विद्युत इस्तरी, जो

की विद्युत शक्ति उस समय उपभुक्त करती है, जब उसे पर प्रचालित करते हैं। इस विद्युत इस्तरी के परिपथ में

की विद्युत धारा प्रवाहित होती है।

अत: इस स्थिति में

अनुमतांक का फ्यूज उपयोग किया जाना चाहिए।

हेयर ड्रायर, टोस्टर, आदि अन्य उपकरण हैं, जो विद्युत धारा के तापीय प्रभाव के नियमानुसार कार्य करते हैं।

विद्युत शक्ति (Electric Power)

विद्युत भी उर्जा का एक प्रकार है। अन्य उर्जा की तरह ही विद्युत भी कार्य करने की शक्ति है।

जब विद्युत धारा किसी चालक दे द्वारा प्रवाहित होती है, तो कुछ कार्य होता है।

विद्युत धारा के द्वारा कार्य होने की दर विद्युत शक्ति कहलाती है।

अर्थात " एकांक समय में व्यय विद्युत उर्जा की दर को विद्युत शक्ति कहते हैं। " विद्युत शक्ति को अंग्रेजी के अक्षर

द्वारा निरूपित किया जाता है।

यदि

समय में

कार्य होता है, तो

विद्युत शक्ति (Electric power),

मान लिया कि विद्युत धारा

के समय तक प्रवाहित होने से कार्य होता है। तथा मान लिया कि इस कार्य के होने के समय विभवांतर

है।

अत:

जूल 

विद्युत शक्ति की SI मात्रक (SI unit of electrical power)

विद्युत शकित की SI मात्रक 'वॉट (watt)' है, तथा इसे 'W' के द्वारा निरूपित किया जाता है।

चूँकि विद्युत उर्जा, शक्ति तथा समय का गुणनफल है।

अत: विद्युत उर्जा की मात्रक 'watt hour'.

Watt hour को "Wh" लिखा जाता है।

1 घंटे में क्षयित 1 वॉट उर्जा

विद्युत उर्जा की व्यवसायिक मात्रक किलोवॉट घंटा (kilowatt hour)

किलोवॉट घंटा (kilowatt hour) को "kW h" लिखा जाता है।

1kW h = 1000 वॉट x 3600 सेकेंड

= 3.6 x 10 6 वॉट सेकेंड

= 3.6 x 10 6 जूल (J)

विद्युत उर्जा की व्यवसायिक मात्रक (kW h) को प्राय: यूनिट (unit) कहा जाता है।

 

Polytechnic Classes शुरु /पॉलिटेक्निक क्लासेस ऑनलाइन और ऑफलाइन चलेगी 1 नवम्बर होगी शुरु

         Good News Now Polytechnic Classes is Back



HELLO  FRIENDS,

                              Now a good news for those candidates who interested in polytechnic because now your offline classes about to open till 1 November 2020 so get ready to go to you institute....

पॉलीटेक्निक में एडमिशन की प्रक्रिया चल रही है। चार राउंड की काउंसिलिंग हो चुकी है, जबकि 31 अक्टूबर तक सीटों का आवंटन हो जाएगा। एक नवंबर से प्रथम वर्ष के छात्रों की पढ़ाई शुरू हो रही है। कोरोना वायरस के संक्रमण की वजह से पहले ही कोर्स में विलंब हो चुका है, ऐसे में प्रथम वर्ष के छात्रों के कोर्स पूरा कराना चुनौती भरा है। प्राविधिक शिक्षा निदेशालय ऑफलाइन के साथ ऑनलाइन के प्रारूप को लागू करने की तैयारी कर रहा है। यह व्यवस्था संस्थानों के खुलने के बाद की जाएगी। तब तक ऑनलाइन पढ़ाई जारी रहेगी।

देरी से शिक्षा सत्र होने के चलते निदेशालय ने शिक्षकों को अतिरिक्त समय देने के लिए निर्देशित किया है। छात्र-छात्राओं को अगर कुछ समझ में नहीं आ रहा है तो वह शिक्षकों से अलग से समय लेकर जानकारी कर सकेगा। प्रदेश के कई पॉलीटेक्निक में विषयों से संबंधित शिक्षकों की कमी है। वहां पर फैकल्टी के नियुक्ति के लिए शासन को पत्र भेजे जा चुके हैं, जिस पर शीघ्र ही नियुक्ति की संभावना है। कुछ समय पहले रिटायर्ड शिक्षकों को अस्थाईतौर पर रखने की योजना थी, लेकिन उसे अमल में नहीं लाया जा सका। 

डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम प्राविधिक विश्वविद्यालय, लखनऊ के सहयोग से डिजिटल लेक्चर तैयार किए जा रहे हैं। उन्हें निदेशालय की वेबसाइट पर अपलोड किया जा रहा है। पॉलीटेक्निक की वेबसाइट पर भी जल्द ही अपलोड करने की तैयारी है।

छात्रों की समस्या का ध्यान

निदेशक मुकेश कुमार ने बताया कि छात्रों की समस्या का ध्यान रखा जा रहा है। उन्हें किसी तरह की समस्या नहीं आएगी। उनके कोर्स और पढ़ाई के लिए सभी तरह के प्रयास किए जा रहे हैं। अतिरिक्त समय दिया जाएगा। विशेष कक्षाएं लगाने के लिए विचार विमर्श किया जा रहा है

 

 

 

 

Monday, October 26, 2020

Polytechnic Admission के लिए अंतिम अवसर / छात्रवृत्ति लेना है इस बात का रखना होगा ख्याल

हेलो दोस्तों आप सबके के लिए एक बहुत अच्छी खबर जी हा जो भी छात्र या छात्राए पॉलिटेक्निक करना चाहते है उन सब के लिए और किसी कारण से वे पॉलिटेक्निक का फॉर्म अप्लाई नही कर पाए हो उन सबके लिए बेहतरीन अवसर ।संस्थानों में अगर किसी अभ्यर्थी ने संयुक्त प्रवेश परीक्षा की ओर से आयोजित काउंसिलिंग के बिना ही सीधे जाकर दाखिला ले लिया तो वह मैनेजमेंट कोटा माना जाएगा। उसे छात्रवृत्ति का लाभ नहीं मिलेगा। समाज कल्याण विभाग ने प्राविधिक शिक्षा परिषद को इस संबंध में निर्देश जारी किए हैं।

दरअसल, प्रदेश भर में 1369 राजकीय, एडेड और निजी पॉलीटेक्निक संस्थान संचालित हैं। इनमें 2,37,835 सीटों पर दाखिले के लिए संयुक्त प्रवेश परीक्षा के तहत दाखिले का प्राविधान है। बड़ी संख्या में ऐसे अभ्यर्थी होते हैं, जिन्हें अपने मन का संस्थान न मिल पाने की वजह से वह सीधे अपने स्तर से बिना आवेदन ही दूसरे संस्थान में प्रवेश ले लेते हैं।

संयुक्त प्रवेश परीक्षा परिषद के सचिव एसके वैश्य के मुताबिक समाज कल्याण विभाग की जो गाइड लाइन आई है, उसमें साफ कहा गया है कि डिप्लोमा इंजीनियरिंग व डिप्लोमा इन फार्मेसी पाठ्यक्रमय में यदि कोई छात्र प्रवेश परीक्षा में आवेदन किए बिना सीधे किसी शिक्षण संस्थान में प्रवेश लेता है तो वह मैनेजमेंट कोटे के तहत माना जाएगा। उन्हें छात्रवृत्ति की सुविधा नहीं दी जाएगी।

 


दोपहर दो बजे के बाद से होंगे सीधे दाखिले आवेदन

पॉलीटेक्निक के डिप्लोमा कोर्सों में सीधे दाखिले के लिए ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया शनिवार दोपहर दो बजे के बाद से शुरू होगी। अभ्यर्थी परिषद के पोर्टल के माध्यम से आवेदन कर सकेंगे। अभ्यर्थी के पास 24 अक्टूबर से चार नवंबर तक आवेदन पत्र भरने का मौका रहेगा। 5 और 6 नवंबर को सिर्फ एक विकल्प भरेंगे l सात नवंबर को सीट आवंटन होगा।

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Friday, October 23, 2020

धातु एवं अधातु - क्लास दसवीं विज्ञान

 तत्व :- 

ऐसे शुद्ध पदार्थ जो एक ही प्रकार के परमाणुओं से मिलकर बने होते है । जैसे हाइड्रोजन (H) , कार्बन (C) आदि 

तत्व को उनके गुणधर्मो के आधार पर निम्न तीन भागो में बाटा जा सकता है...

1) धातु   2)अधातु   3)उपधातु 

धातु (Metal)

वे तत्व जो इलेक्ट्रान (e -) को त्यागकर धन आयन बनाने की प्रवृति रखते है , उन्हें  धातु कहा जाता है। जैसे : Iron, gold, silver, Aluminum, आदि।

धातु के भौतिक गुण (Physical properties of metals):

धात्विक चमक (Metallic Lusture):

धातु में एक विशेष प्रकार की चमक होती है, जिसे धात्विक चमक (Metallic Lusture) कहते हैं। धातुओं के इसी विशेष चमक के कारण Gold, silver, आदि धातुओं का उपयोग जेवर बनाने में होता है।

कठोरता (Hardness):

धातु कठोर होते हैं। लेकिन विभिन्न धातुओं की कठोरता अलग अलह होती है। कुछ धातु ज्यादा तो कुछ कम कठोर होते हैं। धातुओं में Sodium अपवाद है। सोडियम धातु अति मुलायम होता है, इसे चाकू से भी आसानी से काटा जा सकता है।

कठोरता (Hardness) के कारण ही लोहे (Iron) का उपयोग पुलों के गर्टर, रेल लाइन, रेल के डिब्बे, लिंटल आदि बनाने में किया जाता है।

अघातवर्धनीयता (Malleability):

धातु अघातवर्धनीय (Malleable) होता है। धातु के इसी गुण के कारण धातु को पीट कर पतले चादर (Sheet) में बदला जा सकता है।  सोना, चाँदी आदि धातुओं के पतले शीट बनाकर उनका उपयोग जेवर बनाने के काम में आता है।

सोना तथा चाँदी सबसे ज्यादा अघातवर्धनीय धातु है।

तन्यता  (Ductility):

धातु लचीले होते हैं। धातु के इस गुण को लचीलापन (Ductility) कहा जाता है। धातु के इस गुण के कारण धातु को खींचकर पतले तार में बदला जाता है। धातु के इसी गुण के कारण अल्मुनियम, ताँबा आदि का उपयोग बिजली के तार बनाने में तथा लोहे का उपयोग क्रेन, पुल आदि के लिय मोटे तार बनाने के काम में आता है।

सोना सबसे ज्यादा लचीला (Ductile) धातु है।

बिजली तथा उष्मा का सुचालक (Good conductor of heat and electricity):

धातु बिजली तथा उष्मा के सुचालक होते हैं। धातु के बिजली के सुचालक होने के कारण अल्मुनियम तथा कॉपर का उपयोग बिजली के तार बनाने में होता है।

धातु के उष्मा के सुचालक होने के कारण अल्मुनियम, ताँबे आदि का उपयोग खाना पकाने के बर्तन बनाने में होता है।

भौतिक अवस्था (Physical State):

धातु सामान्य तापमान पर ठोस अवस्था में होता है। केवल पारा (Mercury) ही ऐसा धातु है, जो सामान्य तापमान पर द्रवीय अवस्था में रहता है।

क्थनांक तथा गलनांक  (Melting and Boiling Point):

धातु का Melting तथा Boiling Point काफी ज्यादा होता है। लेकिन गैलियम तथा सेसमियम धातुओं का Melting Point काफी कम होता है, गैलियम तथा सेसमियम धातु का Melting Point इतना कम होता है कि उन्हें हाथ में रखने पर हथेली के ताप से ही Melt हो जाता है।

अधातु (Non–metals):

अधातु के भौतिक गुण (Physical properties of non–metals):

वे तत्व जो इलेक्ट्रान (e -) को ग्रहणकर ऋण आयन बनाने की प्रवृति रखते है , अधातु (Non–metals) कहा जाता है जैसे कार्बन (Carbon), ऑक्सीजन (Oxygen), सल्फर (Sulphur), क्लोरीन (Chlorine), आदि।

अधातुओं के गुण प्राय: धातु के गुणों के ठीक विपरीत होता है।

चमक (Lusture):

अधातु में चमक नहीं होता है। अधातु की सतह बिना चमक के (Dull) होती है। परंतु हीरा, जो कि कार्बन का एक प्रकार है, काफी चमकीला होता है। ग्रेफाइट भी कार्बन का एक प्रकार है, परंतु इसकी सतह चमकदार होती है।

कठोरता (Hardness):

अधातु कठोर नहीं होते हैं। परंतु हीरा, जो कि कार्बन का एक प्रकार है काफी कठोर होता है। हीरा अबतक प्राप्त प्राकृतिक पदार्थों में सबसे ज्यादा कठोर पदार्थ है।

अघातवर्धनीयता (Malleability):

अधातु अघातवर्धनीय नहीं होते हैं। अधातु को पीटने पर वह टुकड़ों में टूट जाता है। अधातु को पीट कर पतले चादर में नहीं बदला जा सकता है।

तन्यता  (Ductility):

अधातु में तन्यता नहीं होता है।

अधातु के अघातवर्धनीय तथा लचीलापन नहीं होने के गुण को Brittleness (क्षणभंगुर) कहते हैं।

बिजली तथा उष्मा का कुचालक (Bad conductor of heat and electricity):

अधातु बिजली तथा उष्मा का कुचालक होता है। परंतु ग्रेफाइट, जो कि कार्बन का एक प्रकार है, बिजली का सुचालक है।

भौतिक अवस्था (Physical State):

कुछ अधातु सामान्य तापमान पर ठोस, कुछ द्रव तथा कुछ गैस होते हैं। जैसे कि कार्बन ठोस, ब्रोमीन द्रव तथा ऑक्सीजन गैस अवस्था में होता है। ब्रोमीन ही एक ऐसा अधात्विक तत्व है जो सामान्य तापमान पर द्रव अवस्था में होता है।

क्थनांक तथा गलनांक (Melting and Boiling Point):

अधातुओं का Melting तथा Boiling Point काफी कम होता है। परंतु हीरा, जो कि एक अधातु है तथा कार्बन का एक प्रकार है, का Melting Point बहुत ही ज्यादा है।

Saturday, October 3, 2020

Top Polytechnic College in Uttar Pradesh | JEECUP 2020 Top polytechnic Colleges in UP

 Hello dear all friends, As we know every year lots of students take admission in polytechnic in various courses like Civil Engineering, Mechanical Engineering ,Electrical Engineering , Electronics Engineering ,Computer Science , Information Technology, Architecture and so many courses. But at the counselling/admission time they confuse and they  didn't know which college is better for his better career and also they confuse that which branch will be good for good career so let's talk here about top government polytechnic, top government added polytechnic  top private polytechnic institute in Uttar Pradesh. So read below to know complete details ....


Top 20 Govt. Polytechnic colleges in Uttar Pradesh 

  1.  Govt. Polytechnic College, Lucknow
  2.  Govt. G.B. Pant Polytechnic, Lucknow
  3. Govt. Polytechnic College, Kanpur 
  4. Govt. Polytechnic College, Ghaziabad
  5. Government Polytechnic, Gorakhpur
  6. Anar Devi Khandelwal Mahila Polytechnic, Mathura
  7. Government Polytechnic, Banda
  8. Government Girls Polytechnic, Lucknow
  9. Km. Mayawati Govt. Girls Polytechnic, Badalpur
  10. Govt. Polytechnic Mainpuri
  11. Govt. Polytechnic Moradabad
  12. Govt. Polytechnic Rampur
  13. Govt. Polytechnic Firozabad
  14. Ghandhi Polytechnic, Muzaffar Nagar
  15. Govt. Polytechnic Faizabad
  16. Govt. Polytechnic Saharanpur
  17. Govt. Polytechnic Bijnore
  18. Govt. Polytechnic Gonda
  19. Govt. Polytechnic Bareilly
  20. Murlidhar Gajanand Polytechnic, Hathras

Top 15 Polytechnic Govt. Added Colleges


  1. Hewett Polytechnic, Lucknow
  2. D. N. Polytechnic College, Meerut
  3. JLNP, Mahmoodabad and M.G. Polytechnic
  4. Lucknow Polytechnic, Lucknow
  5. Balwant Rural Polytechnic College, Agra 
  6. Gandhi Polytechnic, Muzzafarnagar
  7. Firoze Gandhi Polytchnic, Raibareilly
  8. Seth Ganga Sagar Jatia Polytechnic
  9. Sri Ram Devi Ram Dayal Tripathi Mahila Polytechnic
  10. Seth Jaiprakash Mukundlal Women’s Polytechnic
  11. Janta Polytechnic
  12. Town Polytechnic, Ballia
  13. Maharana Pratap Polytechnic, Gorakhpur
  14. I. E. R. T., Allahabad
  15. Chandauli Polytechnic, Chandauli
  16. Handia Polytechnic, Handia

Top 10 Private Polytechnic Colleges

  1. Prasad Polytechnic, Lucknow
  2. I.M.S. Poly., Khungawali, J.P.Nagar
  3. Kamal Institute of Technology, Kanpur Dehat
  4. J. P. Institute of Hotel Management & Catering Technology, Meerut
  5. Gopi Chand College of Pharmacy, Ahera, Baghpat
  6. College of Information & Management Technology, Meerut
  7. Subharti Poly. College, Meerut
  8. Dev Institute of Technical Education, Berhan, Etmatpur, Agra
  9. Azad Polytechnic, Azamgarh
  10. Shri Gopi Chand College Of Pharmacy
  11. Bakshi Poly., Mujar, Machhli Shahar, Jaunpur
  12. Allahabad College of Engg. & Management, Fatehpur

Top branches in Polytechnic Course

  1. Civil Engineering
  2. Mechanical Engineering
  3. Electronics Engineering
  4. Electrical Engineering
  5. Diploma in Architecture
  6. Aeronautical Engineering
  7. Information Technology
  8. Computer Science

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